जयपुर. स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने फर्जी लाइसेंस और फर्जी एनओसी बनाकर गाड़ियां बेचने वाले एक गैंग का पर्दाफाश करते हुए गुरुवार को पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 14 वाहन भी बरामद किए है। एसओजी व एटीएस के एडीजी अनिल पालीवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी इस्लामुद्दीन (38), चांद मोहम्मद (28), अनवर अली (27), इंसाफ (30), अब्दुल करीम (25) है। ये सभी जोधपुर शहर में पीपाड़ और बोरुंदा के रहने वाले है। इन्हें कोर्ट में पेशकर तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है।
इसके अलावा गैंग में महिंद्रा कंपनी से ही जुड़े अनिल कुमार पांडिया, केशव कुशवाह और चंद्रभान बैंसला सहित कुछ और अन्य शामिल है। जिन्होंने कंपनी को 2.71 करोड़ रुपए का घाटा पहुंचाया है। उनके खिलाफ भीलवाड़ा के सुभाष नगर थाने में मुकदमा दर्ज है। इनके कब्जे से बरामद गाड़ियों के दस्तावेज में नाम व पते फर्जी भी पाए गए है।
इसी तरह, जयपुर में महिंद्रा एंड महिंद्रा के एरिया सेल्स मैनेजर सिद्धार्थ जैन ने सांगानेर थाने में पिछले साल केस दर्ज करवाया था। जिसमें बताया कि उनकी कंपनी के एक्जीक्यूटिव अमित शर्मा और अन्य लोगों ने मिलकर फर्जी पेन कार्ड, फर्जी नाम पते दर्ज करवा कर नौ गाड़ियों को खुर्द बुर्द कर दिया। इससे कंपनी को 69 लाख रुपयों से ज्यादा का नुकसान हुआ। ऐसे में भीलवाड़ा और सांगानेर में दर्ज मुकदमों की तफ्तीश एसओजी को ट्रांसफर कर दी गई। जिसकी जांच एडिशनल एसपी करण शर्मा के नेतृत्व में शुरु हुई।
जयपुर व भीलवाड़ा से वाहन लाकर मारवाड़ संभाग के शहरों में बेचते है शातिर ठग
तब एसओजी के डिप्टी एसपी गोपीचंद, सबइंस्पेक्टर हनुमान प्रसाद सहित पुलिस टीम ने जोधपुर के पिपाड़ शहर में डेरा डाले रखा। वहां वर्तमान वाहन मालिकों की जानकारी जुटाने के बाद 14 वाहन, जिनमें महिंद्रा कंपनी की स्कार्पियो, जीप, बोलेरो, पिकअप कैंपर बरामद कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में सामने आया कि पीपाड़ में कोसाणा निवासी युसुफ मारवाड़ संभाग के शहरों और बाहर शहरों में जयपुर व भीलवाड़ा से वाहन लाकर बेचे है।
यह भी सामने आया कि गैंग में शामिल ये लोग वाहन मालिक नहीं होकर भी स्वयं के नाम से फर्जी गाड़ी के मालिकाना दस्तावेज तैयार कर अन्य पार्टीयाें को बेच देते है। इनमें महिंद्रा कंपनी के कर्मचारियों निल कुमार पांडिया, केशव कुशवाह और चंद्रभान बैंसला की पूरी मिलीभगत रहती थी। मामले में गिरफ्तार पांचों आरोपी भीलवाड़ा निवासी फर्जी गाड़ी के मालिक बनकर अपने फर्जी दस्तावेज पेनकार्ड, आधार कार्ड व अन्य दस्तावेजों का प्रयोग कर महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के वाहन भीलवाड़ा लेकर गए। वहां फर्जी एनओसी बनाकर वाहनों को अन्य व्यक्तियों के नाम ट्रांसफर करवाया।