कार्यपालक मजिस्ट्रेट को भेजी रिपोर्ट में जिंदा व्यक्ति को मृत बता दिया; शिवदासपुरा थाना प्रभारी ने कहा तकनीकि खामी

शिवदासपुरा थाना प्रभारी और एक कांस्टेबल द्वारा एक मामले में गंभीर चूक सामने आई है। जमीन के बंटवारे के एक मामले में जांच अधिकारी कांस्टेबल सांवल राम ने 80 वर्षीय लक्ष्मीनारायण रैगर के मृत होने की रिपोर्ट कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर दी। ये बुजुर्ग वर्तमान में अपनी बेटी मुन्नी देवी के पास लूणियावास में रहता है।



जांच अधिकारी कांस्टेबल का कहना है कि पाबंदी के नोटिस पर दूसरे पक्ष ने बयान में बताया था कि लक्ष्मीनारायण मर चुका है और उसकी जगह कोर्ट में दूसरा व्यक्ति जा रहा है, जो एसडीएम कोर्ट में झगड़ा करता है। सवाल खड़ा होता है कि रिपाेर्ट सौंपने से पहले जिम्मेदार पुलिसकर्मी ने क्या मौके पर जाकर भी नहीं देखा। 



आरोप है कि कांस्टेबल ने चतरपुरा निवासी हनुमान और कैलाश से मिलीभगत कर झूठी जांच रिपोर्ट बनाकर थानाप्रभारी इन्द्राज मरोडिया को सौंप दी। थानाप्रभारी ने भी बिना जांच पड़ताल के रिपोर्ट को कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर दिया। मजिस्ट्रेट ने इस मामले में चतरपुरा निवासी परमानंद को 6 माह के लिए पाबंद कर दिया।



चतरपुरा निवासी लक्ष्मीनारायण और हनुमान व कैलाश में पुस्तैनी जमीन का विवाद है। हनुमान व कैलाश ने गांव के ही एक व्यक्ति के खिलाफ एसडीएम कोर्ट में मारपीट का आरोप लगाया था। जांच अधिकारी कांस्टेबल ने लक्ष्मीनारायण को मृत बता कर उक्त व्यक्ति को दोषी मानकर रिपोर्ट सौंप दी। लक्ष्मीनारायण की बेटी व दामाद ने बताया कि लक्ष्मीनारायण जिंदा है। उनके पेट में छाले हैं। कई दिनों से बीमार हैं। हमारे साथ ही रहते हैं। 
 


गलती हाे गई : आईओ
गाेनेर चाैकी में तैनात कांस्टेबल सांवलराम ने कहा कि रिपाेर्ट देने वालों ने बयान में मृत बताया था। मुझे पता नहीं है कि यह जीवित है। जमीन संबंधी मामला है जिसकी जांच कार्यपालक मजिस्ट्रेट से आई थी। इंसान गलतियों का पुतला है, गलती हो जाती है।
 
शिवदासपुरा थाने के प्रभारी इन्द्राज मरोडिया ने बताया कि तकनीकी खामी के चलते ऐसा टाइप हो गया होगा। जानबूझकर ऐसा नहीं किया गया है। जो गलती हुई है उसे फिर से दिखवाता हूं।


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